Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»देश»लंबी कैद, बिना सुनवाई की सजा है; के कविता की जमानत पर बोला सुप्रीम कोर्ट, क्यों किया मूल अधिकार का जिक्र…
    देश

    लंबी कैद, बिना सुनवाई की सजा है; के कविता की जमानत पर बोला सुप्रीम कोर्ट, क्यों किया मूल अधिकार का जिक्र…

    By August 29, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    लंबी कैद, बिना सुनवाई की सजा है; के कविता की जमानत पर बोला सुप्रीम कोर्ट, क्यों किया मूल अधिकार का जिक्र…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    दिल्ली आबकारी ‘घोटाले’ से जुड़े धनशोधन मामले में तिहाड़ जेल में बंद भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।

    न्यायालय ने इस फैसले में कहा है कि दोषी करार दिए जाने से पहले लंबे समय तक कैद रखना “बिना सुनवाई के सजा” देने के समान है।

    न्यायालय ने यह भी कहा कि धनशोधन-रोधी कानून द्वारा लगाई गई पाबंदियों की तुलना में स्वतंत्रता का मूल अधिकार ऊपर है।

    कविता (46) कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में 15 मार्च को गिरफ्तार किये जाने के बाद से जेल में थीं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बाद में उन्हें 11 अप्रैल को भ्रष्टाचार के मुख्य मामले में गिरफ्तार किया था।

    न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने मंगलवार को दोनों मामलों में उन्हें जमानत दे दी और जांच की निष्पक्षता पर केंद्रीय जांच एजेंसियों से सवाल किया। पीठ ने पूछा कि क्या वे किसी आरोपी को अपनी मर्जी से चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।

    वहीं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सह-आरोपी मनीष सिसोदिया के मामले सहित विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए फैसले में कहा गया है, ‘‘किसी अपराध के लिए दोषी करार दिये जाने से पहले लंबे समय तक कैद रखने को बगैर सुनवाई के सजा नहीं बनने देना चाहिए।’’

    फैसले में कहा गया है, ‘‘हमने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त स्वतंत्रता का मूल अधिकार, सांविधिक प्रतिबंधों (धनशोधन निवारण अधिनियम) से श्रेष्ठ है।’’

    पीठ ने कहा कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और जांच के लिए कविता की हिरासत की जरूरत नहीं है।

    पिछले पांच महीनों से कविता के जेल में रहने का संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा कि 493 गवाहों से पूछताछ होनी बाकी है और करीब 50,000 पन्नों के दस्तावेजों पर विचार किया जाना है, जिससे निकट भविष्य में मुकदमे को निष्कर्ष तक पहुंचाना असंभव हो गया है।

    पीठ ने कहा, ‘‘हमने इस सुस्थापित सिद्धांत को भी दोहराया है कि ‘जमानत नियम है और इनकार अपवाद’।’’ पीठ ने पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) की धारा 45 पर भी विचार किया, जिसमें दो शर्तें दी गई हैं, जिन्हें धनशोधन-रोधी कानून के तहत किसी आरोपी को जमानत देने से पहले पूरा किया जाना आवश्यक है।

    ये दो शर्तें हैं कि न्यायाधीश को प्रथम दृष्टया संतुष्ट होना चाहिए कि आरोपी ने कोई अपराध नहीं किया है और जमानत पर रहने के दौरान उसके कोई अपराध करने की संभावना नहीं है।

    पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को भी त्रुटिपूर्ण पाया, जिसमें कविता को पीएमएलए की धारा 45(1) के तहत जमानत का लाभ नहीं दिया गया था, जो एक महिला को विशेष राहत का अधिकार देती है।

    पीएमएलए की धारा 45(1) के उक्त प्रावधान में कहा गया है, ‘‘ऐसा व्यक्ति– जो 16 वर्ष से कम आयु का है, या महिला है या बीमार या अशक्त है, अथवा जिस पर अकेले या अन्य सह-आरोपियों के साथ एक करोड़ रुपये से कम की राशि के धनशोधन का आरोप है, उसे जमानत पर रिहा किया जा सकता है, बशर्ते विशेष अदालत ऐसा निर्देश दे।’’ शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि कविता उच्च योग्यता रखने वाली और एक काफी दक्ष व्यक्ति हैं।

    तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी कविता पर व्यापारियों और राजनीतिक नेताओं के उस समूह (साउथ ग्रुप) का हिस्सा होने का आरोप है, जिसने शराब लाइसेंस के बदले में दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। हालांकि, कविता ने इन आरोपों से इनकार किया है।

    The post लंबी कैद, बिना सुनवाई की सजा है; के कविता की जमानत पर बोला सुप्रीम कोर्ट, क्यों किया मूल अधिकार का जिक्र… appeared first on .

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    चमेली के जीवन में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने बिखेरी खुशियों की रोशनी….

    March 24, 2026

    केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे…..

    March 24, 2026

    खल्लारी रोप-वे दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने सहायता राशि की घोषणा की, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई….

    March 24, 2026

    बस्तर का समग्र विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मंत्री केदार कश्यप…..

    March 24, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.