Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»धर्म»कलयुग में कब खत्म हो जाएगा पृथ्वी पर मां गंगा का अस्तित्व? पुराणों में है इसका जिक्र
    धर्म

    कलयुग में कब खत्म हो जाएगा पृथ्वी पर मां गंगा का अस्तित्व? पुराणों में है इसका जिक्र

    News DeskBy News DeskJanuary 26, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कलयुग में कब खत्म हो जाएगा पृथ्वी पर मां गंगा का अस्तित्व? पुराणों में है इसका जिक्र
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    सनातन धर्म में गंगा नदी को मां का दर्जा प्राप्त है. यह बहुत ही पूजनीय और पवित्र नदी मानी गई है. श्रीमद् भागवत पुराण में गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण की कथा मिलती है. भागीरथ ऋषि अपनी कठिन तपस्या के बल पर गंगा नदी को पृथ्वी पर लेकर आये.गंगोत्री ग्लेशियर से यानी गोमुख से पिघलाकर निकलने वाली गंगा नदी धीरे-धीरे अब लुप्त हो रही है वैज्ञानिक दृष्टि से भी गंगा नदी का जल स्तर अब कम होता जा रहा है. तय समय के अनुसार सरस्वती और पद्मा नदी धरती से अपना अस्तित्व समाप्त कर स्वर्ग की ओर जा चुकी है.

    पृथ्वी पर कैसे आयी गंगा : धरती पर मां गंगा की आगमन की कहानी में बताया जाता है कि राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए हिमालय पर कठोर तपस्या की. ब्रह्मा जी ने प्रसन्न होकर राजा भगीरथ को गंगा जी की धारा का मंडल से दे दी क्योंकि गंगा जी बहुत अधिक गहरी थी जिस वजह से उन्हें भगवान भोलेनाथ ने अपनी सर पर जटाओं में धारण किया तत्पश्चात उन्हें धरती पर भेजा.

    भागवत पुराण में गंगा के बापस जाने का जिक्र : श्रीमद् भागवत पुराण में गंगा माता को स्वर्ग में वापस जाने का जिक्र मिलता है इस ग्रंथ में भगवान विष्णु ने नारद जी को बताया है कि कलयुग में 5000 साल बीतने के पश्चात जब धरती पर पाप का बोझ बहुत अधिक बढ़ जाएगा और धर्म के हानि होने लगेगी. लोगों की मन में लोग लालच वासना छल छिद्र कपट का वास होगा. गंगा स्नान से तब उन्हें कोई लाभ नहीं मिलेगा. ऐसी स्थिति में मां गंगा पूर्ण है स्वर्ग लोक को लौट जाएंगी.

    श्रीमद्देवीभागवत के मुताबिक, गंगा नदी एक बार स्वर्ग वापस लौट सकती है. इसके लिए एक कथा बताई गई है : एक बार गंगा और सरस्वती के बीच विवाद हो गया. बीच बचाव के लिए लक्ष्मी आईं, लेकिन सरस्वती ने उन्हें वृक्ष और नदी के रूप में पृथ्वी पर पापियों का पाप स्वीकार करने का श्राप दे दिया.
    इसके बाद गंगा और सरस्वती ने एक-दूसरे को नदी रूप में पृथ्वी पर रहने का श्राप दे दिया. भगवान विष्णु ने कहा कि जब कलयुग के 5,000 साल पूरे हो जाएंगे, तब तीनों देवियां वापस अपने-अपने स्थान पर लौट जाएंगी.
    गंगा नदी से जुड़ी कुछ और बातें: पौराणिक कथा के मुताबिक, गंगा नदी करीब 14 हज़ार साल पहले पृथ्वी पर आई थीं. राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा नदी पृथ्वी पर आई थीं. भगवान शिव ने गंगा को धरती पर उतारने के लिए अपनी जटाओं में उतारा था. गंगा नदी की जलापूर्ति करने वाले हिमनद की 2030 तक खत्म होने की आशंका है.

    गंगा से पहले भारत में बहती थी ये नदी : शोध के अनुसार गंगा नदी से पहले सरस्वती नदी का अस्तित्व था. वैदिक सभ्यता में सरस्वती ही सबसे बड़ी और मुख्य नदी थी. ऋग्वेद में सरस्वती नदी का उल्लेख मिलता है और इसकी महत्ता को दर्शाया गया है. महाभारत में भी सरस्वती का उल्लेख है और कहा गया है कि यह गायब हो गई नदी है, जिस स्थान पर यह नदी गायब हुई, उस स्थान को विनाशना नाम दिया गया है. इसी नदी के किनारे ब्रह्मावर्त था, कुरुक्षेत्र था, लेकिन आज वहां जलाशय है. जानकारों के अनुसार प्राचीन समय में सतलुज और यमुना, सरस्वती नदी में आकर ही मिलती थी. माना जाता है कि प्रयाग में गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन होता है इसीलिए उसे त्रिवेणी संगम कहते हैं.

    सरस्ववती नदी का उद्गम स्थल : वैदिक धर्मग्रंथों के अनुसार धरती पर नदियों की कहानी सरस्वती से शुरू होती है। सरिताओं में श्रेष्ठ सरस्वती सर्वप्रथम पुष्कर में ब्रह्म सरोवर से प्रकट हुई. कहते हैं कि प्राचीन काल में हिमालय से जन्म लेने वाली यह विशाल नदी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के रास्ते आज के पाकिस्तानी सिन्ध प्रदेश तक जाकर सिन्धु सागर (अरब की खड़ी) में जाती थी.

    News Desk

    Related Posts

    पंचांग : आज की तिथि में छिपा है अच्छी सेहत का राज! जानें चिकित्सा कार्यों के लिए क्यों है यह सबसे उत्तम दिन

    February 2, 2026

    राशिफल: आज की एक छोटी सी शांति दिलाएगी बड़ी सफलता! जानें सोमवार को आपके भाग्य के सितारे क्या इशारा कर रहे हैं

    February 2, 2026

    पहाड़ों में बर्मा के बिना अधूरा माना जाता है शुभ कार्य, जानें 108 तिनकों से बने देवताओं के इस पवित्र आसन का रहस्य

    February 2, 2026

    जागरण से जागेगा सौभाग्य, भोलेनाथ देंगे मनचाहा वरदान, जानें महाशिवरात्रि की 4 प्रहर पूजा का विशेष फल

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कोरबा में 30 लाख रूपए की लागत से निर्मित डोम का किया लोकार्पण

    March 23, 2026

    अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    March 23, 2026

    खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत

    March 23, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की….

    March 22, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.