Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज
    मध्यप्रदेश

    केंद्र राज्य की एक जैसी योजनाएं होंगी मर्ज

    By September 27, 2024No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल। मोहन सरकार ने तय किया है कि अब कोई भी विभाग नई योजना का ऐलान खुद नहीं करेगा बल्कि वित्त विभाग द्वारा इसका प्रावधान किया जाएगा। इसके सरकार ही जिन विभागों की योजनाएं अब उपयोगी नहीं रह गई हैं, उन्हें अगले वित्त वर्ष में बंद कर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं अगर एक समान हैं तो राज्य की योजना को केंद्र में मर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। कोई भी विभाग अगर नई योजना लाना चाहता है तो उसका पूरा डेटा वित्त विभाग को बताना होगा।
    वित्त विभाग ने ये निर्देश सभी विभागों को जारी किए हैं। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में खर्च होने वाली राशि और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में विभागों के बजट और योजनाओं को लेकर होने वाली बैठकों और बजट अनुमान पर प्लान विभागों से मांगा है। विभाग ने कहा है कि वर्ष 2025-26 के लिए जीरो बजटिंग प्रक्रिया पर बजट पर चर्चा होगी और इसे अंतिम दौर में फाइनल किया जाएगा।
    जीरो बजटिंग प्रक्रिया में हर विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह ऐसी योजनाओं को चिन्हित करे जो वर्तमान में अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं और जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग द्वारा संचालित समान उद्देश्य की योजनाओं का संविलयन भी किया जा सकता है। बजट प्रक्रिया में हर विभाग द्वारा प्रस्तावित बजट अनुमान को शुरू से ही विस्तार के साथ बताना होगा और न केवल उसे उचित बताने का कारण बताया जाएगा बल्कि योजना के अंतर्गत राशि को क्यों खर्च किया जाना है और राशि के सुनियोजित तरीके से उपयोग के संबंध में तर्क भी वित्त विभाग को बताने होंगे।
    वित्त विभाग ने कहा है कि नई योजना के प्रस्ताव विभागों द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति के साथ भेजने होंगे। नई योजनाएं वित्त विभाग के स्तर पर खोली जाएंगी। प्रशासकीय विभाग द्वारा सक्षम अधिकारियों से अनुमोदन के बाद बजट चर्चा के पहले संक्षेपिका समेत प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजेंगे। भारत सरकार के बजट प्रस्ताव में शामिल नई योजनाओं के संबंध में भारत सरकार के बजट में स्पष्ट प्रावधान होने पर ही नई योजना प्रस्तावित की जाएगी। अगर वित्तीय वर्ष में योजना शुरू होने की संभावना हो तो प्रतीक प्रावधान के साथ प्रस्ताव भेजे जा सकेंगे। भारत सरकार और राज्य सरकार की ऐसी योजनाएं जिनका एक ही कार्य के लिए संचालन हो रहा है, राज्य शासन की ऐसी योजनाओं को केंद्र की योजनाओं में सम्मिलित करने के लिए प्रशासकीय विभाग विचार करेंगे। विभाग अपने कम्पनी, निगम, मंडल, प्राधिकरण, सहकारी संस्थाएं, अन्य संस्थाओं द्वारा आफ बजट के माध्यम से अतिरिक्त संसाधनों ऋण आदि की उपलब्धता की जानकारी देंगे। आफ बजट से आशय ऐसे ऋण से है जो राज्य सरकार के एकाउंट में प्रदर्शित नहीं होते हैं।
    वर्ष 2025-26 के लिए जीरो बेस बजटिंग पर काम किया जाएगा। इस व्यवस्था में प्रशासकीय विभाग की जिम्मेदारी होगी कि बजट तैयार करते समय पिछले वर्ष के बजट और खर्च के साथ गणना की इकाई और हितग्राहियों की संख्या को आधार बनाकर योजनावार प्रस्ताव दिए जाएंगे। प्रशासकीय विभाग द्वारा विभाग में चल रहे कार्यक्रमों और अन्य एक्टिविटीज की योजना वार गणना की दोबारा समीक्षा की जाएगी ताकि विभाग में संचालित योजनाओं की उपयोगिता का सटीक आकलन किया जा सके। विभाग को यह बताना होगा कि पिछले सालो के बजट के संदर्भ में प्रस्तावित बजट अनुमान का आधार क्या होगा? इसी के आधार पर वर्तमान योजनाओं, कार्यक्रमओं और गतिविधियों के लिए फाइनेंस के इंतजाम और औचित्य पर फोकस कर बजट तय किया जा सकेगा। 31 मार्च तक विभागों के जिन मदों में बचत की संभावना हो, उसे सरेंडर किया जाए और यह कार्यवाही 15 जनवरी 2025 तक आईएफएमआईएस से की जाए। अगर योजना के बचत की राशि को किसी दूसरे मद में पुनर्विनियोजित किया जाना है तो उसका एस्टीमेटेड अनुमान कम किया जाए और जहां राशि भेजना है उसका एस्टीमेटेड बजट अनुमान बढ़ाया जाए।
    प्रशासकीय विभागों द्वारा आगामी वर्ष के बजट अनुमान का प्रस्ताव आईएफएमआईएस के माध्यम से वित्त विभाग में भेजने का काम 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा। नई योजनाओं के प्रस्ताव वित्त विभाग में 5 दिसम्बर 2024 तक भेजे जाएंगे। बजट प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारियों विभागाध्यक्ष और वित्त के उपसचिव के साथ चर्चा एक नवम्बर से 15 दिसम्बर 2024 तक होगी। बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत विभागों द्वारा जानकारी भेजने का काम एक जनवरी 2025 तक किया जाएगा। बजट प्रस्तावों पर विभागों के प्रमुख सचिवों और सचिवों के साथ बैठक 23 दिसम्बर से 15 जनवरी तक होगी। राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 और 2024-25 में की गई भूमि आवंटन (रियायती) तथा 31 दिसम्बर तक बकाया गारंटी की जानकारी वित्त विभाग को 15 जनवरी तक भेजना होगी। वित्त मंत्री की अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा 27 से 30 जनवरी 2025 तक होगी। वित्त विभाग की विभागों के मंत्रियों के साथ बजट भाषण पर चर्चा और विभाग से जानकारी लेने का काम 15 जनवरी तक होगा। 31 मार्च 2025 तक विभागों की राशि सरेंडर करने के लिए प्रस्ताव लेने का काम 31 मार्च तक किया जाएगा।

    Related Posts

    युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 8, 2026

    ’बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप’…..

    October 8, 2026

    ’सेवा संकल्प अभियान’ : ’सेवा की कहानी: हिमालयन हाइट्स में साकार हुआ अपने घर का सपना, जितेंद्र मेहता को मिला सुविधाओं से भरपूर आशियाना’….

    October 8, 2026

    पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश….

    October 8, 2026

    नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

    October 8, 2026

    31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि, राजनांदगांव क्षेत्र में 65 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को 19.46 करोड़ की राहत……

    October 8, 2026
    RO.No :-14063/29
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.