Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»बस्तर में बदलाव – उम्मीद और विकास की नई सुबह…
    छत्तीसगढ़

    बस्तर में बदलाव – उम्मीद और विकास की नई सुबह…

    News DeskBy News DeskAugust 10, 2025No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    बस्तर में बदलाव – उम्मीद और विकास की नई सुबह…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: कभी देश में नक्सलवाद के गढ़ के रूप में जाना जाने वाला बस्तर अब विकास, विश्वास और बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के मजबूत राजनीतिक संकल्प और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से यहाँ शांति बहाल हो रही है और विकास तेज़ी से अपना पाँव पसार रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने डेढ़ साल में ऐसा निर्णायक अभियान चलाया है कि नक्सलवाद अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। इस अवधि में 435 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए, 1,432 ने आत्मसमर्पण किया और 1,457 गिरफ्तार किए गए। सुरक्षाबल के जवानों ने माओवादियों के कंेद्रीय समिति के महासचिव बसवराजू को न्यूट्रलाईज करने में सफलता पाई है। बसवराजू माओवादी विचारधारा का केंद्र बिंदु था। बीजापुर के कर्रेगुड़ा में 31 नक्सलियों के मारे जाने को माओवादी आतंक के ताबूत में आखिरी कील माना जा रहा है।

    आत्मसमर्पण करने वालों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने देश की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। इसमें तीन वर्ष तक प्रतिमाह दस हजार रुपये स्टाइपेंड, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार से जोड़ने की व्यवस्था तथा नकद इनाम व कृषि अथवा शहरी भूमि प्रदान करने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कर बस्तर को शांति और प्रगति की भूमि बनाया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि बस्तर में बंदूक की जगह अब किताब, सड़क और तरक्की की गूंज सुनाई दे रही है। हमारा लक्ष्य बस्तर को विकास के मार्ग में अग्रणी बनाना है।

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास को भी अभूतपूर्व गति प्रदान की गई है। आज़ादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ के रेकावाया गाँव में स्कूल बन रहा है, जहाँ कभी माओवादी अपने स्कूल चलाते थे। हिंसा के कारण बंद पड़े लगभग 50 स्कूल पुनः खोले गए हैं, नए भवन तैयार हुए हैं और सुरक्षा कैंप खुलने के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ तेजी से पहुँच रही हैं। बिजली के मामले में भी बस्तर ने एक नया इतिहास रचा है, हिड़मा के पैतृक गाँव पूवर्ति समेत कई दुर्गम गाँवों में पहली बार विद्युत व्यवस्था पहुँची है। बीजापुर के चिलकापल्ली में 77 वर्षों बाद 26 जनवरी 2025 को पहली बार बिजली का बल्ब जला।

    बस्तर में सड़क निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में 275 किलोमीटर लंबी 49 सड़कें और 11 पुल तैयार हो चुके हैं। केशकाल घाटी चौड़ीकरण व 4-लेन बाईपास निर्माण के साथ-साथ इंद्रावती नदी पर नया पुल बनने से कनेक्टिविटी आसान हुई है। रावघाट से जगदलपुर 140 किलोमीटर नई रेल लाईन परियोजना की स्वीकृति मिली है। इस परियाजना से बस्तर के विकास को चौमुखी प्रगति मिलेगी। बस्तर में के.के लाईन के दोहरीकरण का काम तेजी से कराया जा रहा है। तेलंगाना के कोठागुडेम से दंतेवाड़ा किरंदूल को जोड़ने वाली 160 किलोमीटर रेल लाईन का सर्वे अंतिम चरण में है इसका 138 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में होगा, साथ ही 607 मोबाइल टावर चालू किए गए हैं जिनमें से 349 को 4जी में बदला गया है।

    दूरदराज़ गाँवों तक योजनाओं के लाभ पहुँचाने के लिए नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना लागू की गई है जिसके तहत 54 सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में 327 से अधिक गाँवों में सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, मोबाइल टावर व वन अधिकार पट्टे जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। नियद नेल्ला नार योजना के चलते 81 हजार से अधिक ग्रामीणों के आधार कार्ड, 42 हजार से अधिक ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड, 5 हजार से अधिक परिवारों को किसान सम्मान निधि, 2 हजार से अधिक परिवारों को उज्जवला योजना तथा 98 हजार से अधिक हितग्राहियों को राशन कार्ड प्रदाय किये गए है। इस योजना ने विश्वास का ऐसा वातावरण बनाया है कि कई गाँवों में पहली बार पंचायत चुनाव, ध्वजारोहण और सरकारी योजनाओं की पहुँच संभव हो पाई है।

    बस्तर की जीवन दायिनी इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित महत्वाकांक्षी बोधघाट परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रभावी पहल शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मुलाकात कर उन्होंने बोधघाट सिंचाई परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना में शामिल करने का आग्रह भी किया है। 50 हजार करोड़ रूपये की लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से बस्तर अंचल में लगभग 8 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन भी होगा। सिंचाई सुविधा के विस्तार हेतु इंद्रावती नदी और महानदी को जोड़ने का भी प्रस्ताव है।
    आर्थिक मोर्चे पर भी बस्तर में नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    तेंदूपत्ता मानक बोरे की दर 4000 से बढ़ाकर 5500 रूपये कर दी गई है, जिससे 13 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए श्री विष्णु देव साय की सरकार ने चरण पादुका योजना फिर से आरंभ की है, और 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इसका लाभ मिला रहा है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 90,273 युवाओं को प्रशिक्षित कर 39,137 को रोजगार मिला है। नई उद्योग नीति 2024-30 में बस्तर के लिए विशेष पैकेज है, जिसके तहत यहाँ स्थापित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को 45 प्रतिशत पूँजी अनुदान और आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक 40 प्रतिशत वेतन सब्सिडी दी जा रही है। नागरनार स्टील प्लांट के सहायक उद्योगों को ध्यान में रखते हुए नियानार में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

    सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी बस्तर नई पहचान बना रहा है। जहाँ कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, वहाँ अब “बस्तर ओलंपिक” और “बस्तर पंडुम” जैसे आयोजनों की धूम है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, वहीं बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों ने जनजातीय संस्कृति को वैश्विक मंच दिया। बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे पारंपरिक जनजातीय जनों को 5000 रुपये वार्षिक सम्मान निधि दी जा रही है।

    सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए ‘बस्तर फाइटर्स’ बल में 3202 पदों का सृजन किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और इलाके में सुरक्षा रहित गाँवों को संरक्षित किया जा सकेगा। एनआईए और एसआईए के माध्यम से माओवादियों के सप्लाई व फंडिंग नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार हो रहा है।

    छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से बस्तर में विकास की नई किरण फैल रही है, और यह क्षेत्र अब शांति, विकास ओर समृद्धि का क्षेत्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि बस्तर का विकास ही नवा छत्तीसगढ़ का आधार है। हमारा सपना है कि यहाँ का हर बच्चा पढ़े, हर युवा आगे बढ़े और हर गाँव विकास की मुख्यधारा में जुड़े। निश्चित ही बस्तर अब नई कहानी बयां कर रहा है। एक ऐसी कहानी जिसमें कभी भय और हिंसा थी, और आज उम्मीद और विकास की नई सुबह है।

    News Desk

    Related Posts

    जीपीएम का ‘विष्णुभोग’ चावल बना महिलाओं की समृद्धि का नया ब्रांड, आधे घंटे में 45 हजार रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री….

    July 7, 2026

    रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन, घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान…..

    July 7, 2026

    छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार…..

    July 7, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई……

    July 7, 2026

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने आवश्यक पहल का किया आग्रह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पीएम आवास के संबंध में लिखा पत्र…..

    July 7, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 जुलाई को करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण….

    July 7, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    जीपीएम का ‘विष्णुभोग’ चावल बना महिलाओं की समृद्धि का नया ब्रांड, आधे घंटे में 45 हजार रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री….

    July 7, 2026

    छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार…..

    July 7, 2026

    रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन, घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान…..

    July 7, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई……

    July 7, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.