Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»लैलूंगा की पहचान बना ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल, देशभर में बढ़ रही मांग, बेंगलुरु से कारगिल तक पहुंच रहा सुगंधित चावल….
    छत्तीसगढ़

    लैलूंगा की पहचान बना ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल, देशभर में बढ़ रही मांग, बेंगलुरु से कारगिल तक पहुंच रहा सुगंधित चावल….

    By April 3, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र का ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल आज अपनी विशिष्ट सुगंध, स्वाद और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण एक अलग पहचान स्थापित कर चुका है। पारंपरिक रूप से उगाई जाने वाली यह धान की किस्म अब किसानों के लिए आय का मजबूत माध्यम बन रही है। प्रशासन और कृषि विभाग के सहयोग से इस उत्पाद को व्यवस्थित रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे यह स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। किसानों द्वारा अपनाई जा रही जैविक पद्धति और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों का आय दुगुनी करने निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार किसानों को सशक्त बनाने में जनहितकारी नीति बनाने के साथ ही किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं इनमें कृषि उन्नति योजना, भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना जैसे योजना शामिल है। इससे प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं।

    कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंवाफूल धान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक सुगंध और स्वाद है, जो लैलूंगा क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु में ही पूर्ण रूप से विकसित हो पाती है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां-दिन में पर्याप्त गर्मी और रात में हल्की ठंडक, इस धान की गुणवत्ता को विशेष बनाती हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में उत्पादित चावल का स्वाद और खुशबू अलग पहचान रखता है और उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है।

    ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल की मांग अब छत्तीसगढ़ से बाहर भी तेजी से बढ़ रही है। बेंगलुरु, चेन्नई, तेलंगाना, लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्रों में इसकी अच्छी मांग है। वर्तमान में इसका बाजार मूल्य लगभग 150 रुपये प्रति किलो है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। वहीं बीज भी किसानों को 70 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक किसान इस फसल की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    लैलूंगा के किसान चंद्रशेखर पटेल बताते हैं कि उनके परिवार में लंबे समय से जंवाफूल चावल की खेती की जा रही है, लेकिन अब इसकी मांग और पहचान में काफी वृद्धि हुई है। इस वर्ष उन्होंने 4 एकड़ में इसकी खेती की, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 30,000 रुपए की लागत आई। वे बताते हैं कि उन्हें प्रति एकड़ 1 लाख रूपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। उनका कहना है कि इस फसल से उन्हें स्थिर और संतोषजनक आय मिल रही है, जिससे वे भविष्य में इसकी खेती का रकबा और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनके उत्पाद की मांग राज्य के बाहर भी बढ़ रही है, जिससे उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है।

    लैलूंगा की पहचान बना ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल

    ग्राम खैरबहार के किसान भवानी पंडा बताते हैं कि वे वर्ष 2015 से खेती कर रहे हैं और धीरे-धीरे जंवाफूल चावल की खेती की ओर बढ़े हैं। वे पूरी तरह जैविक पद्धति से खेती करते हैं, जिसमें रासायनिक खाद या कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। हरी खाद का उपयोग कर वे खेत की उर्वरता बनाए रखते हैं। भवानी पंडा बताते हैं कि जंवाफूल चावल की खेती से उन्हें पारंपरिक धान की तुलना में अधिक लाभ मिल रहा है। वर्तमान में वे 2 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं और आने वाले समय में इसे 20 एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखे हुए हैं। जंवाफूल चावल की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से की जा रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहती है। रासायनिक मुक्त उत्पादन के कारण यह चावल स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को इसका बेहतर मूल्य मिल रहा है।

    प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा इस फसल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से उत्पादन और विपणन को संगठित किया जा रहा है। पिछले वर्ष लगभग 700 एकड़ में इसकी खेती की गई थी, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 2000 एकड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी फसल से जुड़ सकें।

    Related Posts

    नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान, वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण….

    May 22, 2026

    जनता की सेवा हमारा परम धर्म- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    May 22, 2026

    सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवाद’: प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना, कच्चे घर से पक्के मकान तक पहुंची जिंदगी…..

    May 22, 2026

    करहीबाजार समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी विकास कार्यों की सौगात, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद…..

    May 22, 2026

    ’मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बरगद के पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं’, योजनाओं की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैक…..

    May 22, 2026

    ’प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना, कच्चे घर से पक्के मकान तक पहुंची जिंदगी’…..

    May 22, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान, वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण….

    May 22, 2026

    जनता की सेवा हमारा परम धर्म- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

    May 22, 2026

    सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवाद’: प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना, कच्चे घर से पक्के मकान तक पहुंची जिंदगी…..

    May 22, 2026

    करहीबाजार समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी विकास कार्यों की सौगात, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद…..

    May 22, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    May 2026
    M T W T F S S
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Apr    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.