Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»देश»पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक, लेकिन चीन पर खामोशी क्यों? जयशंकर ने दिया जवाब…
    देश

    पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक, लेकिन चीन पर खामोशी क्यों? जयशंकर ने दिया जवाब…

    By May 5, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक, लेकिन चीन पर खामोशी क्यों? जयशंकर ने दिया जवाब…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आरोप है कि चीन भारतीय सीमा में आ गया है और हमारी जमीन पर कब्जा करके बैठा है।

    विपक्ष यह भी कहता है कि पाकिस्तान पर तो सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक हो गई पर चीन पर खामोशी रहती है, डॉ. जयशंकर ने कहा, “चीन पर खामोशी नहीं है।

    चीन के बारे में लोगों को गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी कहते हैं कि चीन ने हमारी धरती पर लद्दाख में एक पुल बना लिया है। अगर आप बारीकी में जाएंगे तो देखेंगे कि ये पुल जरूर बनाया है। वहां एक झील है पैंगोंग। पैंगोंग पर चीन ने 1958 में कब्जा किया था।”

    नेहरू के टाइम में ही चीन ने कब्जाई भारत की जमीन
    उन्होंने आहे कहा, ”इसी तरह कांग्रेस कहती है कि चीन अरुणाचल प्रदेश में एक गांव बसा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में एक जगह है लोंगजू। आप संसद के रिकॉर्ड में देखेंगे तो पाएंगे कि पंडित नेहरू ने 1959 में भारत की संसद में कहा था कि लोंगजू पर चीन ने आकर कब्जा कर लिया है। हमारे हाथ से निकल चुका है।

    कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि शिन्जियांग घाटी में काराकोरम के पास चीन एक लिंक रोड बना चुका है। इस लिंक रोड के माध्यम से चीन सियाचीन के पास तक आ जाएगा। ये इलाका भारत के हाथ से 1963 में निकल गया था।”

    विदेश मंत्री ने कहा, “वो जमीन जरूर चीन के पास गई है, लेकिन गई थी 1958 और 1962 के बीच में। और हमारी कोशिश है कि हम चीन के साथ सीमा पर समझौता करें।

    इसलिए कांग्रेस वाले जानबूझ कर झूठ बोलते हैं। ये दिखाना चाहते हैं कि जो कुछ भी हो रहा है, अब हो रहा है। सच यह है कि ये अब नहीं हो रहा, बल्कि पहले हो चुका है।

    1962 में हम बिना तैयारी के चले गए। सड़कें नहीं थीं, आधारभूत ढांचा नहीं था। हमारे जवानों के पास तक खाना-पीना, बारूद, हथियार कैसे पहुंचाएं, कोई सिस्टम नहीं था।”

    10 साल में सीमा पर काफी हुआ काम
    उन्होंने कहा, “अब जो भी बुनियादी ढांचा बना है, पिछले 10 सालों में बना है। जब मोदी जी सरकार में आए थे, उस समय चीन सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास बजट 3500 करोड़ था। इस समय 15,000 करोड़ रुपये का बजट है।”

    लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के चुनावी एजेंडे में विदेश नीति के शामिल होने के मायने पूछे जाने पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि इसके अलग-अलग कारण हैं। एक तो ये सार्वभौमिक दुनिया है और दुनिया में कुछ भी हो रहा है, वह हर देश को प्रभावित करता है।

    हर नागरिक पर उसका असर होता है। पहले जो हम सोचते थे विदेश नीति के बारे में कि कहीं दूर किसी देश में कुछ हो रहा है तो हम क्यों परवाह करें, वो जमाना अब खत्म हो गया है।

    अब कहीं भी कुछ होता है, गाज़ा में कुछ होता है, यूक्रेन में कुछ होता है, तुरंत ही उसका असर पूरी दुनिया पर होता है। यूक्रेन में लड़ाई होती है तो उसका असर पट्रोल की कीमतों पर पड़ता है।

    काला सागर में कुछ होता है तो अनाज की कीमतें बढ़ जाती हैं। लाल सागर में हूतियों ने हमला किया तो पूरा व्यापार बिगड़ जाता है। इसलिए सभी की जिंदगी में इसका कहीं ना कहीं सीधा असर होता है।

    जल्द ही तीसरे नंबर पर होगी भारत की अर्थव्यवस्था
    उन्होंने कहा कि दूसरा विषय ये है कि आज की युवा पीढ़ी को लगता है कि भारत अब आबादी में नंबर एक है, अर्थव्यवस्था में नंबर पांच हैं, हम जल्द ही तीन पर आएंगे। हम एक तरह से सभ्यतागत शक्ति हैं।

    इसलिए हमें दुनिया के सामने हमारी विरासत, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान को रखना चाहिए। ये देश के लिए गर्व का विषय है इसलिए दुनिया पर हमें असर डालना है और दुनिया का असर भी हम पर पड़ेगा।

    विदेश मंत्री ने कहा, “तीसरी बात ये है कि आज कितने ही लोग पढ़ाई और रोजगारी के लिए बाहर जाते हैं। लगभग दो करोड़ भारतीय नागरिक अन्य देशों में रहते हैं। और कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ होता रहता है।

    इसलिए उनकी सुरक्षा भी एक बड़ा विषय है। हर 3-4 महीने में कहीं ना कहीं कोई ना कोई ऑपरेशन होता रहता है। किसी को लाना होता है, किसी को बचाना होता है। इसलिए मोदी की गारंटी भारत की सीमा तक सीमित नहीं है, मोदी की गारंटी बाहर भी चलती है।”

    जब उनसे पूछा गया कि वर्तमान में दुनिया के कई देशों में चुनाव हो रहे हैं, क्या भारत भी वहां पर्यवेक्षक भेजेगा, डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत में यहां की चुनावी प्रक्रिया को देखने और समझने के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग आए हैं।

    उनका इरादा सकारात्मक है। हम भी उनका स्वागत करते हैं। हो सकता है कि अगले कुछ दिनों में उनसे मुलाकात होगी। हमारे चुनाव पर जो टिप्पणियां हो रही हैं, वे राजनीतिक दलों के नेताओं से नहीं बल्कि विदेशों में बैठे मीडिया के लोगों द्वारा हो रही हैं।

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल रंग लाई, कुर्रीडीह जलाशय के जीर्णाेद्धार हेतु 4.73 करोड़ रुपए स्वीकृत….

    June 10, 2026

    ‘खेत बचाओ अभियान’ में जुटे 300 किसान, जैविक खेती को लेकर जागरूकता सम्मेलन आयोजित, रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती अपनाएं, यही भविष्य की खेती: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल….

    June 10, 2026

    किसान चैतराम को नैनो उर्वरकों से मिला सकारात्मक परिणाम, कम लागत हुआ अधिक उत्पादन, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को बताया प्रभावी विकल्प…..

    June 10, 2026

    किसान चैतराम को नैनो उर्वरकों से मिला सकारात्मक परिणाम, कम लागत हुआ अधिक उत्पादन, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को बताया प्रभावी विकल्प…..

    June 10, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.