Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat Post
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The Bharat Post
    Home»देश»21 साल की कोशिशों के बाद भारत को मिला चाबहार बंदरगाह…
    देश

    21 साल की कोशिशों के बाद भारत को मिला चाबहार बंदरगाह…

    By May 14, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    21 साल की कोशिशों के बाद भारत को मिला चाबहार बंदरगाह…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    ईरान और भारत के बीच चाबहार बंदरगाह केविकास और प्रबंधन को लेकर समझौता हो गया है।

    इस समझौते के लिए बातचीत 2003 में शुरू हुई थी।भारत को ईरान का चाबहारबंदरगाह के 10 सालतक इस्तेमाल के अधिकार मिल गए हैं।

    भारत इस बंदरगाह का विकास करेगा और 10 साल तक इसका प्रबंधन करेगा।

    पाकिस्तानसे लगती ईरान की दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर स्थित चाबहार बंदरगार को समुद्री व्यापार के लिए एक अहम और रणनीतिक जगह माना जाता है।

    ईरान के शहरी विकास मंत्रालय ने बताया कि समझौते के तहत भारत की इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (आईपीजीएल) कंपनी चाबहार में 37 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी और “बंदरगाह का ढांचागत विकास” करने के लिए “रणनीतिक उपकरण” उपलब्ध कराएगी।

    सोमवार को भारत के जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और ईरान के शहरी विकास मंत्री मेहरदाद बजरपाश ने समझौते पर दस्तखत किए। बजरपाश ने इस मौके पर कहा, “इलाके में परिहवन के विकास में चाबहार एक अहम केंद्र बन सकता है। हम इस समझौते से बेहद खुश हैं और भारत पर हमें पूरा भरोसा है सोनोवाल ने कहा कि भारत और ईरान “क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच के दोनों देशों के हितों को देखते हुए चाबहार बंदरगाह के हरसंभव विकास को लेकर बहुत उत्साहित हैं।

    उन्होंने कहा, “लंबी अवधि का यह समझौता भारत और ईरान के बीच सदा से रहे भरोसे और प्रभावशाली साझेदारी का प्रतीक है। 2003 से जारी थी कोशिशें इस समझौते पर भारत और ईरान के बीच लगभग 20 साल से बातचीत चल रही थी। 2003 में भारत ने ईरान से चाबहार बंदरगाह के विकास में हिस्सेदारी पर बातचीत शुरू की थी।
    अगस्त
    2012 इस समझौते को लेकर भारत, ईरान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई जिसके बाद जनवरी 2013 में भारत ने चाबहार में 10 करोड़ डॉलर के निवेश पर सहमति दी थी। 2016 में भारत ने चाबहार बंदरगाह के लिए 50 करोड़ डॉलर उपलब्ध कराने पर सहमति दी थी।


    तब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी की मौजूदगी में सहमति पत्र पर दस्तखत भी हो गए थे। लेकिन यह समझौता सिरे नहीं चढ़ पाया क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच
    2015 में हुआ ऐतिहासिक परमाणु समझौता 2018 में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद टूट गया और अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिए।

    अमेरिका नाखुश अमेरिका इस समझौते को लेकर बहुत खुश नहीं रहा है लेकिन 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा तख्तापलट किए जाने के बाद उसने इसे स्वीकार कर लिया था। हालांकि सोमवार को उसने चेतावनी दी कि भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

    सोमवार को अमेरिका ने एक बार फिर इस समझौते को लेकर कड़ा रुख दिखाया। वहां के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चाबहार में काम करने वाली कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। विदेश
    मंत्रालय के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा
    , “चूंकि यह अमेरिका से जुड़ा मामला है, इसलिए ईरान पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे।


    ईरान के साथ व्यापार करने वाली हर कंपनी को
    , चाहे वह कहीं की भी हो, इस बात का पता होना चाहिए वह प्रतिबंधों का खतरा मोल ले रही है। क्यों अहम है चाबहार? चाबहार एकमात्र ईरानी बंदरगाह है जिसकी समुद्र तक सीधी पहुंच है। यह मध्य और पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत, ईरान और अफगानिस्तान के व्यापार का अहम
    मार्ग बन सकता है। चाबहार बंदरगाह असल में दो अलग बंदरगाहों से मिलकर बना है। 


    इन्हें शाहिद कलंतरी और शाहिद बेहेस्तीकहा जाता है। भारतीय कंपनी
    इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड शाहिद बेहेस्ती बंदरगाह का विकास करेगी।

    इसके जरिए भारत का अफगानिस्तान से सीधा रास्ता खुल जाएगा और उसे पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहना होगा। अभी भारत को यदि अफगानिस्तान सामान भेजना हो तो उसके ट्रकों को पाकिस्तान होकर जाना पड़ता है।
    दोनों देशों के बीच तनाव अक्सर इसमें बाधा बनता है।

    चाबहार बंदरगाह का फायदा अफगानिस्तान को भी होगा और उसकी पाकिस्तान पर निर्भरता कम होगी। इससे अफगानिस्तान की राजनीति पर पाकिस्तान का प्रभाव कम होगा, जिसका रणनीतिक फायदा भारत को मिल सकता है।

    चाबहार बंदरगाह पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से सिर्फ 72 किलोमीटर दूर स्थित है। ग्वादर पाकिस्तान का वह बंदरगाह है जिसे चीन विकसित कर रहा है। इसके जरिए चीन अरब सागर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है।

     

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सुशासन तिहार बना ललिता के लिए खुशी का आधार : मिला आयुष्मान कार्ड का सुरक्षा कवच….

    June 12, 2026

    महुआ से आत्मनिर्भरता की उड़ान: वन धन विकास केंद्र कौरिनभाठा बना महिला सशक्तिकरण और आजीविका का सफल मॉडल…..

    June 12, 2026

    सुशासन तिहार में मिला त्वरित समाधान, श्रीमती अंजनी साहू को प्रदान किया गया नवीन राशन कार्ड, जनसमस्या निवारण शिविर बना आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम…..

    June 12, 2026

    गंडई शराब दुकान में ओवररेटिंग पर बड़ी कार्रवाई: आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर निलंबित, विक्रेता पर भी केस दर्ज……

    June 12, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Shela Niyazi
    मोबाइल - 8889462384
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Shop No. 3 of Indira Stadium Complex , Jagdalpur
    June 2026
    M T W T F S S
    1234567
    891011121314
    15161718192021
    22232425262728
    2930  
    « May    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.